not mine, but from the movie Bawarchi
महाकवी हरीन्द्रनाथ अक्सर कहा करते थे …
रघु, ज़िन्दगी में छोटी छोटी चीज़ें बहुत मायने रखती हैं.
किसी बड़ी ख़ुशी के इंतज़ार में हम ये छोटी छोटी खुशियों के मौके खो देते हैं.
अरे, बड़ी कुशी के मौके तो दस बीस होते हैं, लेकिन यह जो हज़ारों लाखों कुशियों के पल हैं उन्हें हम गवा देतें हैं.
It is so simple to be happy, but so difficult to be simple.
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A wonderful movie.
Setting: Shanti Nivas
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